हजारों असंघटित मजदुर कामगार कार्यालय का करेंगे घेराव- विभिन्न मांगों को लेकर 27 जनवरी को आंदोलन। आदि भारत। गोंदिया महाराष्ट्र

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हजारों असंघटित मजदुरों को सरकार की योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है। कामगार आयुक्त कार्यालय की अनदेखी से मजदुर पंजीकृत प्रक्रिया से वंचित हो रहे है। आदि मांगों को लेकर ग्राम विकास ग्रामीण रोजंदारी बांधकाम कामगार संघटन के नेतृत्व में हजारों की संख्या में असंघटित कामगार गोंदिया के सहायक कामगार आयुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। इस तरह की चेतावनी मजदुर तथा संघटन के पदाधिकारियों ने दी है। 
इस संदर्भ में ग्राम विकास ग्रामीण रोजंदारी बांधकाम कामगारों ने जानकारी देते हुए बताया कि, पंजीकृत मजदुरों को विभिन्न 32 प्रकार की योजनाओं का लाभ दिया जाता है। कामगारों को 90 दिन तक की मजदुरी का प्रमाणपत्र मिलने के बाद मजदुरों को पंजीयन के लिए आवेदन करना पड़ता है, नियमों के अनुसार आवेदन के बाद 90दिन में पंजीयन का प्रमाणपत्र मिलना आवश्यक होता है, लेकिन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी एक से डेढ़ साल तक प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता। जबकि एजेंन्टों के माध्यमों से की गई प्रक्रिया को पूर्ण कर प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया सहायक कामगार आयुक्त कार्यालय से की जाती है, जो मजदुरों पर अन्याय है। आवेदनों में विभिन्न प्रकार की गलतियां दर्शाकर आवेदनों को खारिज किया जाता है, जिस वजह से हजारों कामगार पंजीयन प्रक्रिया से वंचित होकर सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित रहना पड़ता है। कई बार संगठन की ओर से सहायक कामगार आयुक्त को पत्र लिखकर उपरोक्त समस्याओं से अवगत कराकर नियमानुसार आॅनलाईन प्रक्रिया पूर्ण करनेवाले कामगारों को प्रमाणपत्र दिये जाए। लेकिन इस ओर अनदेखी ही की जा रही है। जिसे देखते हुए उपरोक्त मांग के साथ लोकसेवा गारंटी कानुन को अमल में लाने, तीन माह से अधिक की कालावधी होने पर पंजीकृत प्रमाणपत्र का नविनीकरण करने, कामगारों के आवेदन स्वीकार करने, तहसील स्तर के सेतु केन्द्र बंद करने, छात्रावृत्ती का लाभ तीन माह के भीतर देने, पंजीकृत मजदुरों को आवास योजना का लाभ देने आदि मांगों को लेकर 27 जनवरी को गोंदिया के सहायक कामगार आयुक्त कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करेंगे, इस तरह की चेतावनी जिला संघटक सुरेन्द्र गेडाम, मजदुर उत्तम चौव्हाण, योगेश गराडे, गौरी हरिणखेडे, मनोहर राऊत, येमेश चचाने, विशाखा जांभुलकर, मंगला बिसेन, शशिकला पटले तथा आदि ने दी है।