गोरेगांव नगर पंचायत चुनाव: ऐसी कौन सी वजह कांग्रेस के हाईकमान ने लिया नामांकन वापसअब उस प्रभाग में कांग्रेस पार्टी का पंजा निशान नहीं

     आदि भारत। गोंदिया (महाराष्ट्र) 
गोरेगांव नगर पंचायत चुनाव में एक ऐसा  राजनीतिक मामला सामने आया कि, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देने वाला है। गोरेगांव कांग्रेस के हाईकमान अर्थात तहसील अध्यक्ष ने अपना नामांकन पीछे लेने से राजनीतिक क्षेत्र में एक नई चर्चाओं की शुरूआत की है । नामांकन वापस लेने से अब उस प्रभाग में कांग्रेस पार्टी का एक भी उम्मीदवार नहीं अर्थात कांग्रेस पार्टी का पंजा निशान नहीं होगा। जिस वजह से वहां के कांग्रेसी मतदाताओं में संभ्रम की स्थिति निर्माण हो गई है।  ऐसी कौन सी वजह है की कांग्रेस के उस हाईकमान ने अपना नामांकन पीछे लेकर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है। कहा जाता है कि,राजनीति एक ऐसा खेल का मैदान है जो जीतकर भी हार जाता है, और जो हारकर भी जीत का हक्कादार बन जाता है। तो कुछ ऐसे भी निर्णय राजनीति के खेल लेने पड़ते  हैं कि, पार्टी के हित मे चुनावी मैदान से पीछे हटकर जीत का खेल भी खेला जाता है। कुछ ऐसा ही खेल गोरेगांव नगर पंचायत चुनाव में खेला जा सकता है। 
गोरेगांव नगर पंचायत में 17 प्रभाव और एक नगर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा जा रहा है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 21 नवंबर 2025 दोपहर 3:00 बजे तक थी। गोरेगांव नगर पंचायत के प्रभाग क्रमांक 14 की नगर सेवक की सीट सबसे बड़ी हॉट सीट के रूप में देखी जा रही थी। इस सीट के लिए कांग्रेस के हाईकमान गोरेगांव तहसील के कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश येरोला, भाजपा के युवा नेता इंजीनियर आशीष बारेवार ने नामांकन भरा था। वहीं निर्दलीय के रूप मे भाजपा के ही सक्रिय सदस्य सुरेंद्र पटले व भाजपा के पूर्व पदाधिकारी लेकिन वर्तमान में कोई भाजपा का पद नहीं ऐसे दिग्गज सुरेश रहांगडाले ने भी नामांकन भरा। इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजित गुट से अमन कटरे  ने भी नगरसेवक के लिए आवेदन कर नामांकन भरा है। इस सीट के लिए शहर के सभी दिग्गज नेता एक दूसरे के खिलाफ लड़ने के लिए मैदान में उतर आए थे, ऐसा लग रहा था कि इस सीट पर काफी रोमांचक मुकाबला होने जा रहा है। हर किसी की नजर इस प्रभाग पर थी। लेकिन नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन कांग्रेस के हाईकमान जगदीशजी येरोला इन्होंने अपना नामांकन पीछे ले लिया जिस वजह से अब इस प्रभाग में कांग्रेस का एक भी उम्मीदवार नहीं बचा। इस फैसले से हर कोई सोचने पर मजबूर हो गया है। और चर्चा का दौर शुरू हो गया कि , ऐसी क्या वजह थी की देश की सबसे बड़ी दूसरे नंबर की पार्टी कांग्रेस जो नगर पंचायत चुनाव में भी इस तरह के फैसले लेने पर मजबूर हो रही है। इस फैसले से कांग्रेस के मतदाताओं में संभ्रम की स्थिति निर्माण हो रही है । अब देखना यह है कि इस प्रभाग के कांग्रेस के मतदाता किस पार्टी के उम्मीदवार को वोट देंगे। तो चलो जानते हैं  कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष जगदीशजी येरोला जिन्होंने अपना नामांकन पीछे लिया है। और नामांकन पीछे लेने की क्या वजह है।
     *पार्टी के हित में निर्णय* 
प्रभाग क्रमांक 14 से एक उम्मीदवार को कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवारी देना तय हुआ था ,लेकिन ऐसी कुछ परिस्थिति उसके साथ निर्माण हो गई कि, उस उम्मीदवार ने नामांकन भरने में  असमर्थता दर्शाई। जिसे देखते हुए मुझे उस प्रभाग से नामांकन भरना पड़ा।  मैं पार्टी का प्रमुख होने के नाते पार्टी हित व प्रभाग क्रमांक 14 की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए सभी पदाधिकारी की सलाह से ही नामांकन वापस लिया गया है। उसके बाद जो निर्दलीय उम्मीदवार है उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से समर्थन दिया गया है। जो भी निर्णय लिया गया है  वह पार्टी हित का ही है। जब वोट मांगने मतदाताओं तक पहुंचेंगे तो हमें मतदाता कांग्रेस के रूप में ही देखेंगे। इस तरह का स्पष्टीकरण कांग्रेस तहसील अध्यक्ष और जिन्होंने नामांकन वापस लिया ऐसे गोरेगांव कांग्रेस प्रमुख जगदीशजी येरोला ने दिया है।
 *अब कांग्रेसी मतदाता किसको करेंगे वोट*
प्रभाग क्रमांक 14 में कांग्रेस का उम्मीदवार नहीं होने के कारण अब वहां के कांग्रेस समर्पित मतदाता किस उम्मीदवार को वोट करेंगे। यह सवाल अब निर्माण होने लगा है। यह  तो प्रभाग के चुनावी माहौल को देखने के बाद ही बताया जा सकेगा। लेकिन यह बात तो तय है कि,भी प्रभाग के कांग्रेस वोटर ही वहां के उम्मीदवार की जीत तय करेगा । इस तरह की चर्चाएं भी शुरू हो चुकी है। हालांकि कांग्रेस के नेता निर्दलीय उम्मीदवार के लिए वोट तो मांगेंगे लेकिन इस दौरान जो परिस्थिति निर्माण होगी उसका भी सामना संबंधित जनप्रतिनिधियों को करना पड़ सकता है। इस कठोर निर्णय से इस प्रभाग का चुनाव और भी रोमांचक मोड़ में चला गया है। 
 *2016 के चुनाव में क्या थी स्थिति* 
गोरेगांव नगर पंचायत का पहली बार चुनाव 2016 में हुआ था इस प्रभाग से अर्थात प्रभाग क्रमांक 14 से कांग्रेस से जगदीशजी येरोला निर्दलीय दल से इंजीनियर आशीषजी बारेवार, भाजपा से सुरेंद्रजी पटले व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से दिलीपजी चौहान नगर सेवक पद के लिए चुनावी मैदान में खड़े थे। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार इंजीनियर आशीषजी बारेवार को 140 वोट मिले थे, वही उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस के जगदीशजी येरोला इन्हें 96 वोट मिले थे और भाजपा के सुरेंद्रजी पटले को 74 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिलीपजी चौहान को 22 वोट प्राप्त हुए थे। उपरोक्त संख्या को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि प्रभाग क्रमांक 14 में कांग्रेस पार्टी के वाटो की अच्छी संख्या है। जो निर्णायक भूमिका निभा सकती है।