आदि भारत। गोरेगांव (गोंदिया महाराष्ट्र)
शक्कर तथा शक्कर से बनने वाले पदार्थों का अत्याधिक सेवन करना मानव जीवन के लिए कितना नुकसानदायक होता है। यह बढ़ते मधुमेह के रोगियों की संख्या को देखते हुए स्पष्ट हो रहा है। अब तो छोटे बच्चों में भी मधुमेह के लक्षण पाए जाने की जानकारी जांच के दौरान सामने आ रही है। इस मधुमेह को भगाने के लिए गोंदिया जिले की गोरेगांव तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सटवा तथा शाला प्रबंधन समिति ने एक अच्छी पहल पेश करते हुए गांव को शुगर मुक्त करने का संकल्प लिया है। चीनी का अत्याधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। लेकिन छोटे बच्चे मिठाई खाने के शौकिन होते है। बचपन से ही चीनी के सेवन की आदत कम कराने के उद्देश्य से सटवा ग्राम पंचायत की जिला परिषद शाला प्रबंधन समिति ने एक निर्णय लेकर शाला को शुगर मुक्त शाला बनाने का संकल्प लिया है। यह प्रस्ताव शनिवार 22 नवंबर को आयोजित शाला प्रबंधन समिति की सभा में लिया गया है।
बता दें कि, चीनी से निर्मित मिठाईयों का अधिक सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो होता है। यही एक वजह है कि, अत्याधिक चीनी के सेवन से कम उम्र से ही बालकों में मधुमेह के लक्षण दिखाई देते है। बताया गया है कि, भारत में अन्य रोगों से अधिक मधुमेह रोगियों की संख्या है। बढ़ते मधुमेह रोगियों की संख्या को देखते हुए अब प्रत्येक शालाओं में चीनी से निर्मित मिठाईयों से कैसे बच सके, इस विषय को लेकर विद्यार्थियों में जनजागृती चलाई जा रही है। गोरेगांव तहसील अंतर्गत सटवा ग्राम पंचायत ने शाला में एक विशेष सभा का आयोजन किया। सभा में शाला प्रबंधक समिति तथा ग्राम पंचायत पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है, जिसमें से एक शाला काे शुगर मुक्त करना है। इस निर्णय से विद्यार्थियों ने अब शुगर से निर्मित मिठाईयों का सेवन न करने का संकल्प लिया है। इसके अलावा आयोजित सभा में 4 वर्ष से 6 वर्ष तक के आयु के बालकों के लिए गांव की शाला में ही अंग्रेजी कान्वेंट शुरू करना, बाल विवाह कानुन से अवगत कराना व मुख्यमंत्री मेरी शाला-स्वच्छ शाला अभियान चलाना आदि विषयों पर गहन चर्चा कर उपरोक्त विषयों के प्रस्ताव को मंजुरी दे दी गई है। उम्मीद जताई गई है कि, जल्द ही सटवा ग्राम शुगर मुक्त होंगा। आयोजित सभा में सरपंच अर्चना ठाकुर, उपसरपंच विनोद पारधी, शाला प्रबंधक समिति अध्यक्ष राजु रहांगडाले, संजय कटरे, भागचंद रहांगडाले, रामेश्वर रहांगडाले, रवि कटरे, मयुर कोल्हे, िशक्षक आय.टी.ठाकुर, नितीन कटरे, दिलीप रहांगडाले, भोजराज कटरे, राकेश कोल्हे, महेश कटरे, दिपाली पारधी, चंद्रकला ठाकुर आदि उपस्थित थे।
शुगर के बदले गुड का होंगा उपयोग
छोटे बच्चे मिठाई के शौकीन होते है, लेकिन शुगर से निर्मित मिठाई का सेवन करने से विभिन्न रोगों को आमंत्रण करने जैसा है। एैसा कोई गांव नहीं, ना कोई गल्ली नहीं जहां पर मधुमेह के रोगी न हो। इस बिमारी से छुटकारा पाने के लिए सटवा ग्राम में पुरे गांव को शुगर मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। पहले शाला उसके बाद में पुरा गांव शुगर मुक्त करने का संकल्प लिया गया। शुगर के बदले गुड से निर्मित मिठाईयों का उपयोग करने को लेकर गांव में जनजागृती की जाएंगी। इस विषय को ग्राम पंचायत के ग्राम सभा में रखने का निर्णय लिया गया है।
- विनोद पारधी, उपसरपंच ग्राप सटवा