आदि भारत। महाराष्ट्र
मुंबई: राज्य सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। किसानों से कर्ज वसूली एक साल के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्य सरकार ने यह फैसला बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे किसानों के लिए लिया है।
जून से सितंबर के बीच आई बाढ़ के कारण राज्य के कई ज़िलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अब उनसे ऋण वसूली पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने सहकारी ऋणों के पुनर्गठन के भी आदेश दिए हैं। राज्य सरकार के इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। भारी बारिश से भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में घर ढह गए हैं और पशुधन को भी नुकसान पहुँचा है। ऐसे में, इन किसानों की शिकायतें थीं कि कुछ जगहों पर बैंक उनसे कर्ज़ वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, राज्य सरकार ने अब एक आदेश जारी कर कर्ज़ वसूली पर रोक लगा दी है।
एक तरफ सूखे की मार और दूसरी तरफ मानसून के दौरान हुई भारी बारिश ने राज्य के किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। इसके चलते किसानों की कर्जमाफी की मांग लगातार उठ रही थी। प्रहार नेता और पूर्व विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व में इसके लिए आंदोलन भी हुआ था। उसके बाद राज्य सरकार ने 30 जून तक किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने बच्चू कडू, राजू शेट्टी, महादेव जानकर, अजीत नवले, रविकांत तुपकर समेत कुछ किसान नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में कर्जमाफी के मुद्दे पर चर्चा हुई। सरकार ने 30 जून तक कर्जमाफी का वादा किया है। इसके लिए सरकार ने एक समिति बनाने का फैसला किया है। यह समिति अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी।