आदि भारत। गोंदिया महाराष्ट्र
गोरेगांव पुलिस थानांतर्गत दोड़के ग्राम के जंगल में एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आयी है। जंगल में शरीर के कई टुकडों में एक व्यक्ति का शव दिखाई देने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना 29 नवंबर को सामने आयी। मृतक की पहचान दोडके-जांभडी निवासी कलसु हनु उईके (73) के नाम से हुई है। उपरोक्त घटना को देखते हुए पुलिस का अनुमान है कि उसे जानवरों ने निवाला बनाया होगा तो वन विभाग अनुमान लगा रहा है कि उसकी जानवर ने शिकार नहीं की होगी। क्योकि जिस तरह से मृतक का शव दिखाई दे रहा है, उसे देखकर हत्या या शिकार का अनुमान लगाना कठीन हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उपरोक्त मामले का पर्दाफाश हो सकेगा। इस घटना की जांच पुलिस निरीक्षक रामेश्वर पिपरेवार कर रहे है, वहीं वन विभाग के आरएफओ मिथुन तरोने भी जांच में जुटे हुए है।
इस संदर्भ में गोरेगांव पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क अर्जुनी तहसील के दोडके निवासी संजु शामराव सयाम (48) ने शिकायत की है कि दोडके निवासी कनसु उईके यह अपने बेटी को यह कहकर जंगल में गया था कि वह बांस की लकड़ियां लाने जा रहा हुं। लेकिन वह देर शाम तक घर नहीं पहुंच पाया। 29 नवंबर को जंगल में उसकी तलाश की गई तो कई टुकडों में एक शव दिखाई दिया। जिसकी पहचान कनसु उईके नाम से की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि किसी जंगली जानवर ने उस पर हमला किया हो और इस घटना में उसकी मृत्यु हो गई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। लेकिन वन विभाग ने अनुमान लगाया है कि जिस तरह से शरीर के कई टुकडों में एक ही जगह पर शव मिलने से जंगली जानवरों ने उस पर हमला नहीं किया बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। जब तक फॉरेसिंग रिपोर्ट नहीं आती तब तक घटना किस वजह से हुई यह स्पष्ट बताया नहीं जा सकता। तो वहीं दुसरी ओर पुलिस का अनुमान है कि जिस तरह से उपरोक्त शव दिखाई दे रहा है अनुमान है कि किसी जंगली जानवर ने उसे अपना निवाला बनाया होगा। पुलिस का भी यहीं कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती तब तक घटना के संदर्भ में स्पष्ट बताया नहीं जा सकता।
इस तरह की पहली घटना
घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर जाकर देखा गया तो उपरोक्त मृतक के शरीर के हिस्सों के कई टुकडे एक ही स्थान पर दिखाई दिए। वहीं घटना परिसर में किसी जंगली जानवर के निशान भी दिखाई नहीं दे रहे है। इस तरह की घटना मेरे कार्यकाल में प्रथम ही बार सामने आयी है। हमारा अनुमान है कि उपरोक्त घटना जंगली जानवर से नहीं हो सकती। फॉरेसिंक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलाशा हो सकेगा।