आदि भारत। गोंदिया महाराष्ट्र
सड़क अर्जुनी तहसील के डोंगरगांव निवासी 49 वर्षिय आरोपी सुभाष उर्फ मड्या श्रीराम मडावी को विनयभंग के मामले में दोषी पाए जाने पर गोंदिया जिला व सत्र न्यायालय ने 3 वर्ष की सजा तथा 6 हजार रूपए जुर्माना वसूल करने का आदेश सुनाया है। यह फैसला 26 नवंबर को जिला व सत्र न्यायाधीश आर.एन. जोशी ने सुनाया है। इस मामले की पैरवी सरकारी अधि. कृष्णा डी. पारधी ने की।
इस संदर्भ में बताया गया है कि 19 अक्टूबर 2024 को 45 वर्षिय पीड़िता अपनी बहन को मिलने के लिए डोंगरगांव से खुर्शीपार के लिए अकेली पैदल जा रही थी। इसी दौरान डोंगरगांव निवासी आरोपी सुभाष मडावी ने उसे पकड़कर झुड़पी जंगल में ले जाकर उसका विनयभंग किया। जब यह घटना स्थानीय ग्रामीणों के ध्यान में आते ही पीड़िता को आरोपी के चंगुल से छुडा लिया और डोंगरगांव ग्राम के पुलिस पटेल की मदद से आरोपी के खिलाफ देवरी पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 कानून के तहत धारा 74, 75 (2), 78 (2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और मामले को सुनवाई के लिए जिला सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध करने के लिए सरकार और पीड़िता की ओर से सरकारी अधि. कृष्णा डी. पारधी ने पैरवी करते हुए इस मामले में न्यायालय के समक्ष 5 गवाहों को पेश कर उनके बयान दर्ज कराए। दस्तावेज व सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी सिद्ध किया गया और जिला व सत्र न्यायाधीश आर.एन. जोशी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की सजा तथा 6 हजार रूपए जुर्माना वसूल करने का फैसला सुनाया है। इस मामले को सिद्ध कराने के लिए पुलिस अधिक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधिक्षक अभय डोंगरे के मार्गदर्शन में पुलिस हवलदार ब्रिजलाल राऊत ने पैरवी के लिए सरकारी अधिवक्ताओं को सहयोग किया।