हमे मरने की मंजुरी दो- समग्र शिक्षा अभियान के कर्मियों ने शुरू किया अन्नत्याग आंदोलन

    आदि भारत। गोंदिया महाराष्ट्र 
पिछले 20 वर्षों से संविधा पध्दती पर शिक्षा विभाग में सेवा दे रहे समग्र शिक्षा अभियान के कर्मियों ने शासन के सामने एक ही मांग रखी है कि, हमें सरकारी सेवा में शामिल करो या हमें मरने की मंजुरी दो, इस मांग को लेकर गोंदिया के कर्मचारियों के साथ राज्य के कर्मियों ने अन्न त्याग आंदोलन शुरू कर हजारों कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हुए है। यह आंदोलन 8 दिसंबर से नागपुर में किया जा रहा है। 
इस संदर्भ में जानकारी दी गई कि, समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग में वर्ष 2005 से हजारों कर्मचारी संविधा पध्दती पर सेवा दे रहे है। गोंदिया जिले में 79 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत है, जिनके माध्यम से शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण काम किये जा रहे है। लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। समग्र शिक्षा संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि, 8 अक्टुबर 2024 में शासन निर्णय के तहत समग्र शिक्षा अभियान के संविधा पध्दती पर काम करनेवाले आधे कर्मचारियों को सरकारी सेवा में शामिल किया गया है और आधे कर्मचारियों को इस निर्णय का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जिससे वंचित कर्मचारियों में तीव्र नाराजगी देखी जा रही है। जिसे देखते हुए शासन के समक्ष एक ही मांग रखी गई है कि, समग्र शिक्षा अभियान के इस निर्णय से वंचित कर्मचारियों को सरकारी सेवा में शामिल करे या हमें मृत्यु की मंजुरी दे, इस मांग को लेकर गोंदिया के 79 कर्मचारियों ने नागपुर में अन्नत्याग आंदोलन शुरू किया है। इस आंदोलन में राज्य के अन्य कर्मचारी भी शामिल होकर अंादोलनकारियों की संख्या 3 हजार 100 तक पहुँच चुकी है।