आदि भारत। गोंदिया महाराष्ट्र
गोरेगांव तहसील अंतर्गत म्हसगांव मार्ग पर 60 वर्ष पूर्व बने पांगोली नदी पर पुल मार्ग इतना जीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है कि यदि इस मार्ग से एक साथ आमने-सामने से दो वाहन आ जाते है तो दुर्घटना होने की प्रबल संभावना बन जाती है। 3 दिसंबर को इसी तरह की एक घटना इसी पुल मार्ग पर घटित हुई, जिसमें एक सैनिक बनने का सपना देखने वाले युवक की मृत्यु हो गई। इस प्रकार अनेक छोटी घटनाएं इस मार्ग पर घटित हो चुकी है। जिसे देखते हुए क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पांगोली पुल मार्ग कितनों की जान लेगा। इसके बावजूद भी शासन की ओर से नए पुल निर्माण मार्ग को किसी भी प्रकार की मंजूरी नहीं दी गई है, जबकि संबंधित विभाग ने नया पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए है।
बता दें कि गोरेगांव-म्हसगांव मार्ग पर पांगोली नदी पर पुल का निर्माण पिछले 60 वर्ष पूर्व किया गया है। अब यह पुल इतना जीर्ण हो चुका है कि कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। यहां तक की पुलिया के दोनों बाजू की रेलिंग पुरी तरह से टुट चुकी है। मार्ग इतना सकरा है कि कोई भी इस मार्ग से एक ही वाहन गुजर सकता है। यदि दोनों दिशा से वाहन आ जाते है तो दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। बारिश के मौसम में यह पुल मार्ग बंद हो जाता है, क्योकि पुल की ऊंचाई कम होने से पानी भर जाता है। कई बार मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री सड़क योजना विभाग की ओर से नया पुल िनर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, इसके बावजूद भी शासन से नए पुल िनर्माण के लिए मंजूरी नहीं मिल रही है। इस मार्ग पर अनेक घटनाएं घटित हो चुकी है। 3 दिसंबर को म्हसगांव निवासी रोहित नंदेश्वर जब अपने गांव से गोरेगांव की ओर दुपहिया वाहन से जा रहा था, इसी दौरान विपरित दिशा से बोलेरो पिकअप वाहन आ रहा था, इस दौरान दुपहिया वाहन से बोलरो पिकअप से टक्कर हो गई। घटना में रोहित नंदेश्वर की मृत्यु हो गई। बताया गया है कि मृतक ने पिछले कई महिनों से सैनिक भर्ती के लिए तैयारी कर प्रशिक्षण लिया था और जल्द ही उसे सैनिक के लिए नियुक्ती पत्र आने वाला था, लेकिन दुर्घटना में उसके परिवार का सपना टुट गया है।