आदि भारत। गोंदिया महाराष्ट्र
ठंड से पुरा जिला कंपकंपा रहा है। हर कोई ठंड से बचने के लिए दिन में भी गर्म कपड़ों का उपयोग कर रहे है। लेकिन गोंदिया के फुटपाथों पर बेसहारा निराधार महिलाएं ठंड से ठिठुर रही है। कहीं यह ठंड उनके जीवन का अंत न बन जाए इस तरह की स्थिती देखी जा रही है। जबकि गोंदिया नगर परिषद प्रशासन की ओर से बेसहाराओं के लिए रैन बसेरा की व्यवस्था की गई है। लेकिन इस रैन बसेरा में बेसहारा महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया जा रा है। सिर्फ बेसहारा पुरूषों के लिए ही रैन बसेरा में निवास और भोजन की व्यवस्था की गई है। ठंड को देखते हुए शहरवासियों ने मांग की है कि रैन बसेरा में महिलाओं को भी प्रवेश देकर उन्हे ठंड से बचाया जाए।
बता दें कि कोई भी बेसहारा निवास और भोजन से वंचित ना रहे इस उद्देश्य को लेकर गोंदिया नगर परिषद प्रशासन द्वारा शहर में रैन बसेरा शुरू किया है। जहां पर बेसहारा व्यक्तियों को दो समय का भोजन और निवास की व्यवस्था की जाती है। इतना ही नहीं तो उनके स्वास्थ्य की भी देखभाल की जाती है। लेकिन इस रैन बसेरा में महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया जाता, जबकि पुरूषों से अधिक बेसहारा महिलाएं असुरक्षित होती है। अब तो जिले में ठंड ने कहर बरसाया है। विदर्भ में सबसे अधिक ठंडा गोंदिया जिला है। ऐसे में बेसहारा महिलाएं फुटपाथ पर ही बैठकर पुरी रात गुजार रही है। वृद्ध बेसहारा महिलाएं ठंड से कंपकंपा रही है। कहीं यह ठंड उनके जीवन का अंत न हो जाए, इस तरह की स्थिती देखी जा रही है। जिसे देखते हुए शहरवासियों का कहना है कि शासन द्वारा चलाए जा रहे रैन बसेरा में बेसहारा महिलाओं को प्रवेश देकर जानलेवा ठंड से बचाया जाए।