आदि भारत। गोंदिया महाराष्ट्र
जिले में जल जीवन मिशन के काम चल रहे है। लेकिन पिछले कई महिनों से निधी के अभाव में बंद पड़े हुए है। काम पूर्ण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को शुद्ध जल से वंचित होना पड़ रहा है। यदि 10 दिनों के भीतर अधूरे कामों को शुरू नहीं किया गया तो गोंदिया जिले के सभी सरपंच एकत्रित आकर गोंदिया जिला परिषद के सामने जल जीवन मिशन की अंतिम यात्रा निकालकर मुंडन आंदोलन करेंगे। इस तरह की चेतावनी जिला सरपंच संगठन ने गुरूवार 1 जनवरी 2026 को राज्य के मुख्यमंत्री के नाम मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपा गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में जिले के सरपंच उपस्थित थे।
बता दें कि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से हर घर नल, हर घर जल के लिए जल जीवन मिशन योजना संचालित कर करोड़ों रूपए के काम गोंदिया जिले में शुरू किए गए है। योजना के शुरूआत में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा निधी उपलब्ध कराई जा रही थी। जिससे जिले के 450 से अधिक गांवों में जल जीवन मिशन के कामों को शुरूआत की गई है, लेकिन पिछले डेढ़ वर्षों से अधिक कालावधी से निधी देने में लेटलतीफी होने से ठेकेदारों में अधर में ही काम छोड़ दिया है। जिस वजह से अनेक ग्रामों के काम बंद हो गए है। अधूरे कामों से गांवों के रस्त जगह-जगह खोदे गए है। नल लगाए गए है, लेकिन न तो नलों से पानी आ रहा है, ना ही खोदे गए रस्ते बुझाए गए है, जिस वजह से ग्रामीणों में तीव्र असंतोष निर्माण होकर संबंधित ग्राम पंचायत प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त कर रहे है। जिसे देखते हुए जिले के सरपंच संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम गुरूवार 1 जनवरी को पत्र लिखा कि यदि आगामी 10 दिनों के भीतर अधूरे कामों को शुरूआत नहीं की गई तो गोंदिया जिला परिषद के सामने जल जीवन मिशन की अंतिम यात्रा निकालकर मुंडन आंदोलन छेडेंगे। इस तरह की चेतावनी दी गई है। इस दौरान सरपंच संगठन के अध्यक्ष चंद्रकुमार बहेकार, गंगाधर परशुरामकर, सुरेंद्र परतेती, सत्यवान नेवारे, मुनेश शिवणकर, मनिष सिंह गहेरवार, योगेश पटले, िलकेश कुरंजेकर, धर्मपाल पाथोडे सहित अनेक ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित थे।